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KANPUR : राष्ट्रगान विवाद पर सतीश महाना के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, पुतला फूंकने की कोशिश; पुलिस ने छीना, महाना ने सोशल मीडिया पर दी सफ़ाई ?

कानपुर में कांग्रेसियों ने मेस्टन रोड से कोतवाली चौराहे तक प्रदर्शन किया, महाना से माफी और विधानसभा अध्यक्ष पद से हटाने की मांग उठाई


KANPUR NEWS। राष्ट्रगान से जुड़े विवाद को लेकर कानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मेस्टन रोड पर नारेबाजी की और महाना की तस्वीर लगा प्रतीकात्मक पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुतला छीन लिया और आग बुझा दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सतीश महाना राष्ट्रगान समाप्त होने से पहले कार्यक्रम स्थल से निकलकर कार में बैठते नजर आ रहे हैं। इसी को लेकर कांग्रेस ने उनके खिलाफ विरोध जताया और विधानसभा अध्यक्ष से माफी मांगने के साथ पद से हटाने की मांग की।


मेस्टन रोड से कोतवाली चौराहे तक प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेस्टन रोड से कोतवाली चौराहे तक नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से राष्ट्रगान के प्रति पूरी गरिमा और सम्मान की अपेक्षा होती है, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सतीश महाना की तस्वीर वाला प्रतीकात्मक पुतला लेकर पहुंचे। जैसे ही उसमें आग लगाने की कोशिश की गई, पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर पुतला अपने कब्जे में ले लिया।


संदीप शुक्ला बोले- महाना को माफी मांगनी चाहिए

ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रगान से जुड़े मामले में विधानसभा अध्यक्ष को सामने आकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगान समाप्त होने से पहले वहां से चले जाना गंभीर विषय है। कांग्रेस ने महाना को विधानसभा अध्यक्ष पद से हटाने की मांग भी दोहराई।


सतीश महाना ने दी सफाई- राष्ट्रगान के समय वहां मौजूद नहीं था

विवाद के बीच सतीश महाना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर सही तथ्यों की जानकारी होना जरूरी है और किसी तरह का भ्रम नहीं फैलना चाहिए। महाना के मुताबिक, उद्घाटन कार्यक्रम में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जा रहा था। उसी दौरान प्रेक्षागृह यानी ऑडिटोरियम के भीतर राष्ट्रगान शुरू हुआ, जहां उनकी मौजूदगी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों कार्यक्रम पूरी तरह अलग थे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा कर ऐसा भ्रामक विश्लेषण किया जा रहा है, मानो राष्ट्रगान के समय वे रुके नहीं। महाना ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ।



बोले- संविधान और राष्ट्रगान का हमेशा सर्वोच्च सम्मान किया

सतीश महाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा से लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र तक हर अवसर और स्थान पर उन्होंने, उनके कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने संविधान तथा राष्ट्रगान का हमेशा सर्वोच्च सम्मान किया है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने मीडिया और पत्रकारों से भी अपील की कि किसी विषय पर चर्चा करने से पहले तथ्यों की सत्यता की जांच की जाए। महाना ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो के संबंध में सही तथ्यों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।


पुलिस ने पुतला कब्जे में लिया

प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहले से मौके पर मौजूद थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पुतले में आग लगाने की कोशिश किए जाने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुतला छीनकर आग बुझाई गई और उसे पुलिस अपने साथ ले गई। प्रदर्शन में आनंद वर्मा, नरेंद्र चंचल कुशवाहा, इखलाक अहमद डेविड, राजेंद्र बाल्मीकि, अंकित कन्नौजिया, शिवम पटवा, संदीप मिश्रा, सुनील पाल, माना यादव, शीलू यादव, अभिषेक कुमार और नफीस अहमद समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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